
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

वडोदरा/कोलकाता। सहारा इंडिया की निवेश योजनाओं में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी ओ.पी. श्रीवास्तव को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुजरात CID क्राइम की टीम अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर वडोदरा लेकर आ रही है। इस गिरफ्तारी को गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों की वर्षों से लंबित न्याय की लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
तीन साल पुरानी शिकायतें—कोसंबा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था मामला
वडोदरा शहर के कोसंबा रोड पुलिस स्टेशन में तीन वर्ष पूर्व सहारा की स्कीमों में कथित अनियमितताओं के संबंध में कई नागरिकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों में कहा गया था कि:
नागरिकों ने वर्षों पहले सहारा की निवेश योजनाओं में पैसा जमा कराया,
परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं दिया गया,
कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को टालते रहे।
जांच में सामने आया कि इस पूरी हेराफेरी में सहारा से जुड़े कुछ अधिकारी मुख्य भूमिका में थे, जिनमें ओ.पी. श्रीवास्तव सबसे प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आए।
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कोलकाता से गिरफ्तारी—CID को मिली पुख्ता सूचना
ओ.पी. श्रीवास्तव लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। जांच एजेंसियों को हाल ही में सूचना मिली कि वह कोलकाता में छिपा हुआ है। स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद गुजरात CID की टीम उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर वडोदरा लाने के लिए पहुंच गई है।
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पूछताछ से खुल सकते हैं करोड़ों की हेराफेरी के राज
CID अधिकारियों का मानना है कि:
निवेशकों के करोड़ों रुपये कहां और कैसे ट्रांसफर किए गए,
उन पैसों से कौन-कौन सी संपत्तियाँ बनाई गईं,
घोटाले में और किन अधिकारियों की भूमिका रही,
फर्जी दस्तावेज़, बैंकिंग लेन-देन और अकाउंटिंग का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था
इन सभी पहलुओं पर पूछताछ से बड़े खुलासे संभव हैं।
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पीड़ित निवेशकों में राहत—न्याय की उम्मीद बढ़ी
हजारों निवेशक, जो कई वर्षों से अपने धन की वापसी और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे, इस गिरफ्तारी को बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि:
घोटाले की सच्चाई अब सामने आएगी,
जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी,
और उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
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जांच आगे बढ़ेगी—अन्य आरोपियों पर भी कस सकता है शिकंजा
गुजरात CID का कहना है कि यह कार्रवाई आगे की जांच को तेज करेगी। श्रीवास्तव से पूछताछ के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।






